{20+} गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ? | Goldfish ka Scientific Naam kya Hai ?

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गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है (Goldfish ka Scientific Naam kya Hai): गोल्डफिश मछलियों के परिवार से संबंध रखने वाली एक बहुत ही खूबसूरत मछली है | जिसे अक्सर लोग घरों में पालते हैं | इसे सुनहरी भी कहा जाता है | यूं तो इस मछली का इतिहास पुराना है, फिर भी इसे पूर्वी एशिया के मूल निवासी सुनहरी मछली को कार्प परिवार का एक छोटा सदस्य माना जाता है | इस मछली के परिवार में प्रशिया कार्प और क्रूसियन परिवार की मछलियां भी शामिल है

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गोल्डफिश का इतिहास (History of Goldfish)

ऐसा माना जाता है कि चीन में लगभग 2000 साल पहले Goldfish पैदा हुई थी , और उसके बाद तब से इसे अलग-अलग नस्लों के रूप में विकसित किया जाने लगा | सुनहरी मछली के अलग-अलग आकार रंग रूप पाए जाते हैं |

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है
गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है

गोल्डफिश की विभिन्न प्रजातियों के रूप में इस मछली को हजारों वर्ष से लोग अपने घरों में पालते आए हैं | तथा इसे कहीं कहीं पर खाया भी जाता है | Goldfish ज्यादातर सिल्वर नारंगी या पीले रंग में खुद को उत्पन्न करती है |  टांग राजवंश के दौरान इस मछली का प्रयोग उनके बगीचे में उपलब्ध तालाबों को सुंदर बनाने के लिए किया गया था | यदि हम इतिहास की माने तो गोल्डफिश प्राकृतिक अनुवांशिक रूप से ज्यादातर पीले रंगों में पाई जाती है | लोग अपने घरों में या अपने तालाबों को सजाने के लिए ज्यादातर सुनहरे कलर की गोल्डफिश का इस्तेमाल करते हैं | इसके अलावा  ऐसा भी माना जाता है कि जब चीन में किसी से मिलने जाया जाता था, तो उन्हें छोटे-छोटे सुंदर बर्तनों में सजा कर एक-दूसरे को उपहार स्वरूप भेंट किया जाता था |

इसके अलावा चीन के सॉन्ग राजवंश में कुछ चुनिंदा घरेलू गोल्डफिश की और अधिकतम प्रजातियों को विकसित करने के लिए प्रजनन हेतु इस्तेमाल किया जाता था | 1162 में सॉन्ग राजवंश की महारानी ने एक तालाब का निर्माण कराया और इसमें कुछ सुनहरी मछलियों की प्रजातियों को इकट्ठा करने का आदेश दिया  इसके बाद पूरे राज्य में यह ऐलान कर दिया गया, कि शाही परिवार के अलावा आम जनता सुनहरी मछली को अपने घरों में नहीं पाल सकते हैं  | इसका मुख्य कारण यह था कि पीला रंग शाही था और पीले रंग को केवल चीन के शाही परिवार ही इस्तेमाल कर सकते हैं | शायद यही कारण हो सकता है कि नारंगी रंग की मछलियां सुनहरे रंग की मछलियों की अपेक्षा में दुनिया भर में अधिक पाई जाती हैं | लेकिन बाद में इस प्रथा पर रोक लगा दी गई और धीरे-धीरे पीली और नारंगी मछलियों का इस्तेमाल आम जनता द्वारा भी किया जाने लगा |

इसके बाद मिंग राजवंश ने भी सुनहरी मछलियों को अपने घर में पालना शुरू कर दिया | तालाब में केवल वही मछलियां पाली जाने लगी जो तालाब के पर्यावरण में जीवित रह सके | फैंसी पूछ वाले सुनहरी मछलियों को पहली बार बिग राजवंश में ही देखा गया था | इसके बाद सन 1603 में गोल्डफिश का इस्तेमाल जापान में भी देखा गया और धीरे-धीरे Goldfish पुर्तगाल और यूरोप में भी पाई जाने लगी |

 सन 1620 के दौरान दक्षिणी यूरोप में सुनहरी मछलियों का इस्तेमाल भाग्यशाली माना जाता था | लोगों ने इस प्रकार की मछली का धातु रूप भी अपने व्यापार में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया | व्यापारी इसे सौभाग्य का प्रतीक मानते थे | ऐसा माना जाता है कि विवाहित पुरुष अपनी शादी की पहली वर्षगांठ पर अपनी पत्नियों को भी गोल्डफिश उपहार के स्वरुप में देते थे | धीरे-धीरे यह मछली सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक बन गई तथा इस मछली का आदान-प्रदान एक परंपरा के रूप में स्थापित हो गया लेकिन कुछ समय के बाद यह परंपरा लोगों के लिए मुसीबत बन गए क्योंकि यह मछली अब हर जगह पाई जाने लगी थी और लोग इसका रखरखाव नहीं कर पा रहे थे | इसके अलावा उत्तरी अमेरिका में 1850 में पहली बार Goldfish पाई गई और इसके बाद यह संयुक्त राज्य अमेरिका में भी मशहूर हो गई |

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ?

गोल्डफिश का साइंटिफिक नामकैरासियस आराटस” है | यह एक ताजे पानी की मछली है, और इसका पारिवारिक cyprinidae है | यह मछली देखने में बहुत सुंदर होती है,  इसलिए इसे इंडोर एक्वेरियम में पाला जाता है | इसे सौभाग्य एवं समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है | लेकिन आजकल अमेरिका के कुछ हिस्सों में यह जंगली मछली के रूप में भी प्रसिद्ध हो गई है, इसका मुख्य कारण ऐसा माना जा रहा है कि इसमें कुछ लोगों के ऊपर हमला भी किया है |

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है और कैसे पड़ा ?

Goldfish को हिंदी में सुनहरी मछली कहते हैं गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या हैकैरासियस आराटस है | यह मछली दुनिया भर में पाई जाती है | लोग इसे अपने घरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए एक्वेरियम में पालते हैं | भारत में यह मछली पूर्वी क्षेत्रों में पाई जाती है  |  इस मछली का उत्पादन सबसे अधिक चाइना में किया जाता है | चाइना में ही इस मछली का बहुत बड़ा बाजार है जहां पर इसे अलग-अलग प्रजनन के माध्यम से इसकी अलग-अलग प्रजातियों को विकसित किया जाता है | इसके अलावा विश्व में कहीं-कहीं इस मछली को खाया भी जाता है |

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ? (what is the scientific name of goldfish)

कैरासियस आराटस यह गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम है | यह मीठे पानी की मछली होती है, और मीठे पानी में ही अपने अंडे देती है | इस मछली का सर्वाधिक उत्पादन चीन में किया जाता है तथा वहां ही इसे का साइंटिफिक नाम प्राप्त हुआ है | Goldfish सुनहरे नारंगी सफेद काली बहुत सारे रंगों में पाई जाती है तथा इसके बहुत सारे अलग-अलग नाम ही हैं | इस मछली का आमतौर पर वजन 2 से 4 किलोग्राम होता है तथा यह 18 से 22 सेंटीमीटर तक के आकार में पाई जाती है |

गोल्डफिश के अलग-अलग कौन से नाम है?

दुनिया भर में नदियों और समुद्रों में गोल्डफिश की अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती है | इसलिए इन्हें इनके पास जाने के आधार पर अलग-अलग नाम दिए गए हैं | जैसे Black Goldfish, White Goldfish, Blue Goldfish, Oranda Goldfish, Common Goldfish, Telescope Goldfish , Lion Had Goldfish, Fancy Goldfish इत्यादि | इन मछलियों को पाना आसान नहीं है| सबसे पहले तो यदि आप इस मछलियों को अपने घर में पालना चाहते हैं, तो आपके घर में मीठे पानी की व्यवस्था होनी चाहिए | इन मछलियों को क्योंकि समृद्धि का प्रतीक माना जाता है | इसलिए लोग सर्वाधिक मछलियों को अपने घरों में ही पालते हैं | इसके अलावा भारत ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी मछलियों को शुभ माना जाता है

Goldfish के विषय में अन्य जानकारी

गोल्डफिश सबसे पहले चीन में पाई जाती थी | आमतौर पर इसे पहले शाही वंश के लोग ही इस्तेमाल करते थे | अपने बगीचे की सुंदरता को बढ़ाने के लिए पालते थे | आम जनता के लिए इस मछली को पालने की मनाही थी, क्योंकि ऐसा माना जाता था कि पीला रंग केवल शाही परिवार के लोग इस्तेमाल करते थे | आम जनता इसे केवल लाल या  नारंगी रूप  में ही पाल सकती थी

इसी वजह से दुनिया भर में सुनहरी मछलियां बहुत कम पाई जाती हैं | लेकिन धीरे-धीरे यह प्रथा रोक दी गई और आम लोग भी सुनहरी मछलियों को पालने के लिए सक्षम हो गए | Goldfish सुख और समृद्धि का प्रतीक है, इसलिए इसे व्यापार के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था ,या घर में जब भी कोई शुभ कार्य होता था तो इसे उपहार स्वरूप भेंट किया जाता था | यदि हम भारतीय परंपरा की बात करें तो कहा जाता है ,कि जब भी आप किसी यात्रा पर निकल रहे हैं तो आपको मछलियों का सेवन करना चाहिए या फिर जीवित मछली के दर्शन करके घर से बाहर निकलना चाहिए ऐसा करने से आपकी यात्रा सफल होती है

इतिहास में मछलियों को एक महत्वपूर्ण स्थान का है, इसलिए दुनिया भर में इन मछलियों को खूब पाला जाता है | चाइना इसका उत्पादन देश है | इसलिए सबसे ज्यादा चीन में यह मछलियां पाई जाती है, और अलग-अलग वैज्ञानिक तरीकों से इन मछलियों की आधुनिक प्रजातियों का विकास भी किया जा रहा है चीन में इन मछलियों को पालने के साथ-साथ इन्हें खाया भी जाता है

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या हैकैरासियस औराटस (Carassius auratus)
हिंदी नाम सुनहरी मछली
किस पानी में रहती हैं मीठे पानी
उत्पत्ति स्थान चाइना
जाति कैरासियस
आकार बीस सेंटीमीटर
वजन 3 किलो
PH मान 6.5-8.5
प्रजनन का समय अप्रैल मई
क्या खाते हैं ? शैवाल,लार्वा,कीट 

दुनिया में पाए जाने वाले शीर्ष Goldfish के प्रकार (Types of Goldfish or Goldfish Breeds)

दुनिया में लगभग Goldfish कि अब तक लगभग कई प्रकार के प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है | जिनमे से कुछ निम्नलिखित है

ब्लैक गोल्डफिश (Black Goldfish)

Black Goldfish काले रंग की होती है, तथा यह जापान में अधिक पाई जाती हैं |

वाइट गोल्डफिश (White Goldfish)

White Goldfish सफेद यह मछली चांदी के रंग की होती है तथा गोल्डफिश प्रजाति से ही संबंध रखती है | यह लगभग पूरी दुनिया में आसानी से पाए जाने वाले गोल्डफिश की प्रजातियों में से एक है |

ब्लू गोल्डफिश (Blue Goldfish)

Blue Goldfish नीले आकार की गोल्डफिश होती है तथा यह संयुक्त राज्य अमेरिका तथा साफ पानी की झीलों में पाई जाती है |

ओरंदा गोल्डफिश (Oranda Goldfish)

Oranda Goldfish फेस का रंग नारंगी होता है, तथा इसके पास बहुत सारी पंख होती हैं |

फैनटेल गोल्डफिश (Fantail Goldfish)

Fantail Goldfish के पास भी बहुत सारी पुंछ होती है ,तथा देखने में या किसी तितली की तरह लगती है | घरों में सजाने के लिए इस गोल्डफिश का इस्तेमाल बहुत अधिक किया जाता है |

कॉमन गोल्डफिश (Common Goldfish)

Common Goldfish रशिया कार प्रजाति से संबंध रखती है और इसे नींबू वाले रंग में शामिल किया जाता है |

टेलिस्कोप गोल्डफिश (Telescope Goldfish)

Telescope Goldfish लंबे और काले रंग की होती है| इसकी लंबाई अन्य गोल्डफिश की तुलना में बहुत लंबी होती है, इसलिए इसे टेलीस्कोप गोल्डफिश कहा जाता है |

लायन हेड गोल्डफिश (Lionhead Goldfish)

Lionhead Goldfish का सिर बहुत बड़ा होता है, इसके सिर के आसपास बाल होते हैं | इसलिए इसे लायन हेड गोल्डफिश कहा जाता है, तथा देखने में यह थोड़ी डरावनी चीनी लगती है |

फैंसी गोल्डफिश (Fancy Goldfish)

Fancy Goldfish को सजा के तौर पर घर में रखने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है क्योंकि देखने में यह बहुत सुंदर और प्यारी सी होती है |

ब्लैक मूर गोल्डफिश (Black Moor Goldfish)

काले मुंह के सुनहरी मछली को दूरबीन की आंखों वाली प्रजाति सेंस का  माना जाता है |  यह गोल्डफिश उड़ने वाली भी होती है, तथा इसकी आंखें बाहर की तरफ से भरी हुई होती है | चीन में इसे ड्रैगन आई के नाम से जाना जाता है | जापान में इसे डेमेकिन के नाम से जाना जाता है |

बबल आई गोल्डफिश (Bubble Eye Goldfish)

Bubble Eye Goldfish की आंखें बहुत बड़ी होती है इसके पास दो पूंछ होती है तथा उसकी आंखें दूरबीन जैसी दिखाई देती हैं जो आकाश की तरफ देखती हुई प्रतीत होती है |

रिप्रोडक्शन ऑफ Goldfish

जीव विज्ञान के अंतर्गत ऐसा माना जाता है, कि यदि आपको गोल्डफिश की प्रजनन शक्ति को बढ़ाना है, तो इसके लिए आपको उसे पर्याप्त पानी और सही पोषण देना होगा | अधिकांश सुनहरी मछलियां एक विशेष प्रकार के तालाब में प्रजनन करते हैं | Goldfish की प्रजनन अवधि के दौरान सही तापमान का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है

गोल्डफिश बसंत ऋतु के समय में सबसे अधिक अंडे देती है |  गोल्डफिश के पास एक विशेष प्रकार की तरह अंडे की परत होती है | इसके यह अंडे जलीय तत्वों से चिपक जाते हैं या तालाब में पाए जाने वाले वनस्पतियों से चिपक जाते हैं | 48 से 72 घंटों के बीच में और अंडे में से बच्चे निकल आते हैं | 1 या 2 सप्ताह के बाद गोल्डफिश के बच्चे अपने वास्तविक रूप को ग्रहण करना शुरू कर देते हैं |1 वर्ष के भीतर भीतर यह मछलियां अपने वास्तविक रंग रूप में आने लगती है

वैज्ञानिकों द्वारा यह भी कहा जाता है कि जब तक अथवा मादा Goldfish अपने वास्तविक आयु में नहीं पहुंचती है, तब तक वह प्रजनन के लिए तैयार नहीं होती है | इसके अलावा वैज्ञानिक आजकल हैंड स्ट्रिपिंग नाम की प्रजनन विधि का भी इस्तेमाल कर रहे हैं | जिससे इनकी और अधिक प्रजातियों को विकसित किया जा सके | लेकिन वैज्ञानिकों को यह ध्यान रखना पड़ता है, कि हैंड स्ट्रिपिंग का अगर सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया तो यह मछली जिन लोगों द्वारा खाई जाती है उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है |

गोल्डफिश का रखरखाव कैसे करें ?

गोल्डफिश का रखरखाव करते समय हमें साफ सफाई का और इनके खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए | यदि आप गोल्डफिश का को बहुत अधिक समय तक अपने घर मे पालना  चाहती हैं, तो आपको समय-समय पर इनका पानी बदलते रहना चाहिए तथा इन्हें इनके साइज के आकार के अनुरूप ही एक्वेरियम का इस्तेमाल करना चाहिए |

Goldfish कैसे वातावरण में रहती है

गोल्डफिश मीठे और ताजे पानी की मछली है, इसलिए इसे मीठे पानी में ही रखना चाहिए |  हर 2 या 3 दिन में आपको अपने एक्वेरियम का पानी बदल देना चाहिए | ऐसा माना जाता है कि अगर आप जरूरत से ज्यादा छोटे एक्वेरियम का इस्तेमाल करते हैं, तो मछलियों को इसमें रहने में परेशानी होती है | इसीलिए कॉमन गोल्डफिश को 2 फुट लंबे टैंक में रखना होता है या फिर आप इससे बड़े टैंक में भी Goldfish को पाल सकते हैं | यहां पर हम आपको मछलियों के साइज के अनुसार एक वरियम का साइज बता रहे हैं, जिससे आप उनकी संख्या के अनुसार इन्हें पाल सकते हैं

एडवार्डियन का साइज गोल्डफिश की संख्या
3 फीट का अपहरण 3 से 4 गोल्डफिश
 4 फीट का एक्वेरियम 7 से 8 गोल्डफिश
 5 फीट का एक्वेरियम 10 से 11 गोल्डफिश
 6 फीट का एरिया 12 से 13 गोल्डफिश

गोल्डफिश को 15 सालों तक जिंदा कैसे रखें ?

यदि आप Goldfish को बहुत अधिक समय तक अपने घरों में जीवित देखना चाहते हैं , तो आपको उनकी तो सफाई का ध्यान रखना चाहिए | सबसे महत्वपूर्ण बात जिस एरिया में आप उन्हें पाल रहे हैं, आपको  उस एक्वेरियम के पानी को 3 से 4 दिन में बदल देना चाहिए | ऐसा करने से अधिक समय तक जीवित रहेंगे इसके अलावा उन्हें खाना खिलाते समय भी ध्यान रखना चाहिए | बहुत अधिक खाना है एक बार में नहीं दिया जाना चाहिए

यदि आप उन्हें एक बार में बहुत अधिक खाना देंगे तो उनका पानी जिसमें वह पल रही है, वह जल्दी गंदा हो जाएगा और Goldfish को सांस लेने में तकलीफ होगी और इससे इनकी मृत्यु भी हो सकती है | इसीलिए दो महत्वपूर्ण बातें आपको कभी नहीं भूलनी चाहिए एक तो उनके एक स्वयं की साफ-सफाई और दूसरा निर्धारित मात्रा में खाना |

Goldfish की उत्पत्ति कहां से हुई ?

गोल्डफिश के उत्पत्ति आज से 2000 साल पहले चीन में मानी जाती है |  आज चीन विश्व भर में Goldfish का सबसे बड़ा उत्पादक देश भी है पहले इसे राजवंश की सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता था |  किसी भी शुभ कार्य बस का आदान प्रदान किया जाता था | धीरे-धीरे यह दुनियाभर में मशहूर हो गए और लगभग अब यह हर घर में पाई जाती हैं |

Goldfish कहां पाई जाती है?

Goldfish चाइना से लेकर के संयुक्त राज्य अमेरिका तक और भारत में मध्य पूर्वी क्षेत्रों में पाई जाती है ताजे पानी की मछली होने के कारण यह तालाबों और झरनों में भी पाई जाती हैं | लोग इन्हें घरों में अपने 1 वर्षों में पालना पसंद करते हैं |

Goldfish का जीवनकाल (Lifespan of Goldfish)

goldfish का सामान्य जीवन काल 8 से 9 वर्षों का होता है | लेकिन चीन में goldfish के कुछ प्रजातियां 40 वर्षों तक जीवित रहती हैं  | ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन्हें संतुलित साफ और ताजे वातावरण की आदत होती है, आप जितना अधिक इनके साफ सफाई का ध्यान रखेंगे यह मछलियां उतने ही अधिक दिनों तक जीवित रहेंगे तथा आपके सुख और समृद्धि में योगदान देते रहेंगे |

दुनिया की सबसे बड़ी Goldfish ?

दुनिया के सबसे बड़ी Goldfish राफेल द्वारा फ्रांस में पाई गई थी | यह लगभग 300 किलो की थी और उन्होंने अब तक जंगली प्रजाति की इतनी बड़ी गोल्डफिश कभी नहीं देखी थी |

पालतू Goldfish की कीमत (Goldfish Price)

आजकल घरों में गोल्डफिश को पालने का फैशन सा हो गया है, और लोग एंड रंग बिरंगी मछलियों को भाग्यशाली भी मानते हैं | इसलिए इन मछलियों की कीमत दिनों दिन बढ़ती जा रही है| और 2500 से लेकर के लगभग 28000 रुपेय तक इन मछलियों की कीमत बाजार में तय की गई है | यदि आप इसका बिजनेस करना चाहते हैं, तो आप इस बिजनेस की शुरुआत 1 लाख रुपेय से कर सकते हैं | बहुत अधिक मात्रा में मुनाफा कमा सकते हैं |

गोल्डफिश मेल या फीमेल कैसे पहचाने ? (How to identify goldfish male or female)

गोल्डफिश नर है या मादा इसे पहचानने के लिए आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • Goldfish की बॉडी या बनावट का ध्यान रखना
  • Goldfish के साइज को नोट करना
  • Goldfish की शरीर पर चमकीले और रंगीन पैटर्न को ध्यान से देखना
  • Goldfish की पूंछ के पास के हिस्से पर धब्बे दिखाई देना
  • Goldfish के दर्शन की बनावट की जांच करना

Goldfish की बुद्धिमता या याददाश्त कैसी होती है ? (Goldfish Memory)

Goldfish को प्राय मछलियों के प्रजातियों में सबसे समझदार मछली माना जाता है | इससे अलग-अलग प्रकार की ट्रेनिंग भी दी जाती है | जैसे अलग-अलग प्रकार के प्रकाश रंगों को पहचानना और उनके लिए प्रतिक्रिया करना | सुनहरी मछली की याददाश्त लगभग 3 महीने की होती है और इसमें यह अलग-अलग आवाजों में भी पहचान कर सकती है | सुनहरी मछलियों को प्राय वैज्ञानिक तौर पर प्रयोग करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है | इन्हें खाना खिलाए जाने का समय आवाज पहचानने का समय और करतब दिखाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है |

गोल्डफिश के अंगों के बारे में जानकारी

गोल्डफिश की पहचान करने के लिए आपको उसके शरीर की बनावट को ध्यान से देखना होगा | यदि गोल्डफिश का शरीर मोटा है ,यानी उसके शरीर में अंडे भरे हैं | अथवा यदि आप नर Goldfish की पहचान करना चाहते हैं, तो उसका शरीर लंबा पतला होगा |

गोल्डफिश को खाने में क्या दें ?

गोल्डफिश को खाना बहुत अधिक नहीं देना चाहिए | ताजे पानी की मछलियां जनम तालाबों में पालते हैं तालाब के पानी में पाए जाने वाले सवालों को तथा कोशिकाओं को अपना जीवन यापन करते हैं | इसके अलावा आपको बाजार में अलग अलग तरीके के खाद्य पदार्थ मिल जाएंगे जो प्रोटीन युक्त होते हैं और  गोल्डफिश को  खिलाने में भी आसान होते हैं | आपको गोल्फ इसको दिन में अधिकतम तीन बार खाना देना चाहिए और एक निर्धारित समय सीमा के भीतर | यदि आप बहुत अधिक मात्रा में Goldfish को खाना खिलाएंगे तो इससे उनकी मृत्यु भी हो सकती है |

Goldfish के बारे में रोचक तथ्य

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं, कि Goldfish को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, इसीलिए इसे आजकल लगभग हर घर में पाला जाता है | भारतीय वास्तु शास्त्र के अनुसार मछली को घर में पालने से घर में आने वाली विपत्तियों का नाश होता है| सुख समृद्धि के साथ लक्ष्मी का वास होता है, तथा इसे व्यापार और कैरियर की प्रगति में भी महत्वपूर्ण माना जाता है |

लेकिन कोई भी चीज तभी लाभदायक महसूस होती है, जब आप उसका इस्तेमाल जानते हो जैसे ,कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में एक्वेरियम को उत्तर पूर्व की दिशा में रखना चाहिए तभी इसका उचित लाभ आपको मिल सकता है |

इसके अलावा घर में 9 से अधिक गोल्डफिश को नहीं पालना चाहिए | यदि आप 8 सुनहरी मछलियों और एक कार्य मछली पालन कर रहे है , तो यह आपके लिए शुभ होता है | आपको ध्यान रखना चाहिए कि गोल्डफिश की संख्या 9 से अधिक नहीं होनी चाहिए और ना ही 9 से कम होनी चाहिए |

गोल्डफिश के बारे में अन्य फैक्ट

गोल्डफिश के बारे में हम आपको यहां पर कुछ जरूरी जानकारियां देने जा रहे हैं जिनका ध्यान रख कर के आप Goldfish को अपने घरों में आसानी से पाल सकते हैं :-

  • गोल्डफिश को हमेशा ताजे पानी में पढ़ना चाहिए |
  • इसको कभी भी आवश्यकता से अधिक खाना नहीं देना चाहिए |
  • गोल्डफिश अपने मालिकों की आवाज की पहचान आसानी से कर सकती है, तथा दो अलग-अलग आवाजों के बीच में भी यह पहचान कर पाती हैं
  • गोल्डफिश की याद रखने की शक्ति लगभग 3 महीने की होती है |
  • गोल्डफिश अपने मालिकों की पहचान आसानी से कर लेती हैं |
  • गोल्डफिश को हमेशा प्रोटीन युक्त भोजन देना चाहिए |
  • आपको अपने घर में एक बार में 9 गोल्डफिश पालनी चाहिए, जिसमें से आठ नारंगी और एक काली Goldfish अवश्य होनी चाहिए |
  • गोल्डफिश की प्रकृति हमेशा दोस्ताना होता है|

गोल्डफिश बच्चे कैसे देती है ?

गोल्डफिश बसंत ऋतु में अपने बच्चों को जन्म देती है और यह  और इसके बच्चे 48 से 70 घंटों के बीच में अपने अंडों से बाहर निकल आते हैं तथा एक मैच का रूप लेने के लिए इन्हें 1 वर्ष का समय लगता है तभी हम कह कर पाते हैं कि Goldfish का कलर और आकार कैसा होगा |

गोल्डफिश कैसी दिखती है ?

गोल्डफिश बहुत सारे अलग-अलग रंगों में और आकारों में पाई जाती है | गोल्डफिश काली, नीली ,सफेद, भूरे नारंगी कलर में पाई जाती है | इसके अलावा यह 4 सेंटीमीटर से लेकर के 4 फुट तक के आकार में पाई जाती है | कुछ Goldfish  के पास दो होती है | कोई एक पुंछ वाली होती है, किसी की आंखें बड़ी होती है ,किसी के विंग्स बहुत बड़े होते हैं ,तथा किसी की पूंछ लंबी होती है |

गोल्डफिश को हिंदी में क्या कहते हैं ?

गोल्डफिश को हिंदी में सुनहरी मछली कहा जाता है | इस का साइंटिफिक नाम कैरासियस आराटस है |

गोल्डफिश का असली नाम बताइए ?

गोल्डफिश का असली नाम सुनहरी या सुनहरी मछली है | इसे वैज्ञानिक तौर पर कैरासियस आराटस कहा जाता है |

एक्वेरिउम का पानी कितने दिन में बदलना चाहिए ?

गोल्डफिश को ताजे पानी की मछली माना जाता है ,इसलिए आपको इसके एक्वेरियम का पानी 2 या 3 दिन में बदल देना चाहिए | यदि आप इस पानी को 2 या 3 दिन में नहीं बदलेंगे तो गोल्डफिश को सांस लेने में दिक्कत होगी और आपकी Goldfish बहुत अधिक समय तक जिंदा नहीं रह पाएंगे | इसलिए घर में रखते समय आपको इसकी टैंक की साफ सफाई का ध्यान भी अवश्य ही रखना चाहिए |

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है (Goldfish ka scientific Naam kya hai)

कैरासियस आराटस यह गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम है|

ok Google Goldfish ka Naam kya hai ?

कैरासियस आराटस Goldfish को OK Google पर इसी Naam से जाना जाता है, तथा इसकी उत्पत्ति आज से लगभग 2000 साल पहले मानी जाती है | भारत से लेकर के दुनिया भर के अन्य देशों में भी इस मछली को बहुत ही चाव से माना जाता है |  इसे सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है पहले यह मछली केवल राजवंशों में ही पाली जाती थी |

गोल्डफिश की उम्र कितनी होती है ?

गोल्डफिश की अधिकतम उम्र 8 से 9 साल होती है | लेकिन दुनिया भर में देखा गया है, कि इन की अधिकतम उम्र 40 वर्षों तक पाई जाती है | ऐसा केवल चाइना में ही होता है | हमें यह देखकर आश्चर्य होता है ,कि चाइना में पाए जाने वाले गोल्ड पर 40 सालों तक कैसे जिंदा रह सकते हैं ?  इसका जवाब है यदि आप उन्हें उचित वातावरण में रखते हैं , तथा समय-समय पर उनकी टैंक की साफ सफाई करते हैं, तो यह किसी भी मौसम में और किसी भी वातावरण में अधिकतम जीवित रह सकती हैं |

अंग्रेजी में गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ?

सुनहरी को इंग्लिश में Goldfish कहते हैं | गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम कैरासियस आराटस है |

गोल्डफिश को कितना खाना देना चाहिए ?

गोल्डफिश को बहुत अधिक खाना देने से यह बार-बार खाना देने से वह मर जाती है क्योंकि ऐसा करने से ओवरफीडिंग हो जाता है और मछलियां जिस पानी नेपाली जाती है उसी में ही है अपनी गंदगी भी निकालती है इसलिए हमें मोड़ परसों को दिन में दो से तीन बार ही खाना देना चाहिए आजकल बाजार में अलग-अलग प्रकार के फिश फूड मिलते हैं जो कि मछलियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं इसके अलावा यदि आप मछलियों को तालाब में पाल रहे हैं तो यह मछलियां उन में पाए जाने वाले सवाल और छोटे छोटे जीव जंतुओं को खाकर अपना गुजारा कर लेती हैं|

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